
लिटिल चैंप सीजन-2 के ऑडिशन में 97 बच्चों ने दिखाया हुनर, गायन में 39 और डांस में 58 प्रतिभागियों ने लिया भाग
पेण्ड्रा। बाल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और उनकी कला को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कर्मचारी प्रतिभा मंच द्वारा आयोजित लिटिल चैंप सीजन-2 प्रतियोगिता के ऑडिशन में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के 97 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें गायन प्रतियोगिता के लिए 39 और एकल नृत्य प्रतियोगिता के लिए 58 प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतियोगिता में 6 से 16 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है।
25 अक्टूबर, रविवार को गुरुमंत्रा पब्लिक स्कूल, अमरपुर पेण्ड्रा में गायन और नृत्य के ऑडिशन अलग-अलग हॉल में आयोजित किए गए। इस दौरान बच्चों ने अपनी गायन कला, नृत्य कौशल और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के शानदार प्रदर्शन के चलते निर्णायक मंडल के सामने चयन करना चुनौतीपूर्ण रहा। ऑडिशन में चयनित प्रतिभागियों के लिए मेगा फाइनल की तारीख कर्मचारी प्रतिभा मंच द्वारा जल्द घोषित की जाएगी।

चार वर्षीय वनिता राजवाड़े ने खींचा सबका ध्यान
ऑडिशन के दौरान कई बच्चों की प्रस्तुतियों ने निर्णायकों और उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। इनमें चार वर्षीय वनिता राजवाड़े, पिता स्वर्गीय कमलेश राजवाड़े, का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इतनी कम उम्र में नृत्य के प्रति उनकी प्रतिभा और उत्साह ने सभी का ध्यान खींचा।
उल्लेखनीय है कि वनिता राजवाड़े ने जून माह में देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित तारांगन-ऑल इंडिया नेशनल डांस, म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया था। उनकी उपलब्धि बाल प्रतिभाओं की क्षमता और मेहनत का उदाहरण है।

निर्णायक मंडल में अनुभवी प्रतिभाएं शामिल
प्रतियोगिता के ऑडिशन में नृत्य विधा के निर्णायक मंडल में सौरभ केशरवानी और मुक्ता शामिल रहे, जबकि गायन विधा में ऊषा पवार और संजय सोनी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का आकलन किया।
आयोजन में कर्मचारी प्रतिभा मंच के संयोजक पीयूष गुप्ता सहित अजय चौधरी, सचिन तिवारी, बलराम तिवारी, जितेंद्र जायसवाल, ओमप्रकाश सोनवानी, राकेश चौधरी, परसराम चौधरी, छोटेलाल वनवासी, संजय सोनी, राजकुमार पटेल, बीएल कश्यप, विश्वास केशरवानी, विश्वनाथ सोनी, रंजीत राठौर, अर्चना गुप्ता, जबीना खान, लता गोयल, कन्हैया सोनवानी और त्रिभुवन गोयल उपस्थित रहे।

बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर जोर
कर्मचारी प्रतिभा मंच के सदस्यों ने बताया कि लिटिल चैंप सीजन-2 का मुख्य उद्देश्य बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित मंच प्रदान करना है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों को अपनी गायन और नृत्य कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। साथ ही, उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिलता है।
मंच का प्रयास है कि जिले के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे अपनी कला के माध्यम से जिले का नाम रोशन कर सकें। अब ऑडिशन के बाद प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों को मेगा फाइनल की तारीख की घोषणा का इंतजार है।















